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इस ट्रैक के बारे में
आदित्य दीप अपने ईपी इकोज़ ऑफ़ काशी की शुरुआत चौताल में उनतीस मिनट के पखावज एकल से करते हैं, और डॉ इंद्रदेव चौधरी हारमोनियम पर लहरा बजाते हैं। चौताल ध्रुपद की बारह मात्रा की ताल है, जिसके छह विभागों में दो-दो मात्राएँ हैं, सम पहली मात्रा पर और खाली तीसरी व सातवीं पर। पखावज वादक इसका ठेका धा धा दिं ता किट धा दिं ता तिट कत गदि गन पढ़ते हैं, यानी बारह मात्राओं के बारह बोल। यह ईपी का सबसे लंबा ट्रैक है और बाक़ी दोनों में से हर एक से दुगुना लंबा।
दूसरे ट्रैक जलद चौताल में वे यही ताल द्रुत लय में बजाते हैं, और तीसरे ट्रैक सादरा में दस मात्रा की ताल।
श्रेय
एल्बम से
कलाकार
Pakhawaj
आदित्य दीप वाराणसी के पखावज वादक और पंडित श्रीकांत मिश्र के शिष्य हैं। वे अग्रणी ध्रुपद कलाकारों की संगत करते हैं और एकल वादन भी करते हैं। वे कलासुधा अकादमी में सिखाते हैं।
ट्रैक विवरण
- रिलीज़
- अगस्त 15, 2026
- अवधि
-
28:57