अहीर भैरव
अहीर भैरव
S r G m P G m D n S' | S' n D P m G m r S 'D 'n r S
Origins & Context
अहीर भैरव भैरव थाट से एक प्रिय राग है, जिससे विभिन्न भावनाएं जुड़ी हैं। कुछ लोग इसमें भक्ति पाएंगे, जबकि अन्य उदासी पाएंगे। कुछ लोग इस राग के माध्यम से प्रेम और खुशी पाते हैं।
यह राग मूल रूप से कर्नाटक राग "चक्रवाहम" से आया माना जाता था। तकनीकी दृष्टिकोण से राग को हिंदुस्तानी संगीत परिदृश्य में अहीर भैरव के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसमें भैरवांग (G m r S) के साथ-साथ अहिरांग (D n S') भी है।
तकनीकी विवरण
राग की स्वर संरचना और चलन
आरोह (चढ़ाव)
S r G m P G m D n S'
अवरोह (उतार)
S' n D P m G m r S 'D 'n r S
पकड़ (पहचान वाक्यांश)
D P-m G m r S 'D 'n r S
रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ
इस राग को महान कलाकारों से सुनें
आगामी रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ यहाँ दिखाई जाएँगी। जल्द ही फिर देखें!