भूपाली

भूपाली

स्वरलिपि

S R G P D S' | S' D P G R S

थाट: Kalyan evening Audava-Audava
वादी: Gandhar (G)
संवादी: Dhaivat (D)
कल्याण थाट से भूपाली, पंचस्वरीय संरचना और पूर्वांग अभिविन्यास वाला एक संध्या का राग।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Kalyan
प्रस्तुति का समय
Evening
जाति (स्वरों की संख्या)
Audava-audava
वादी (प्रमुख स्वर)
Gandhar (G)
संवादी (सहायक स्वर)
Dhaivat (D)

Origins & Context

भूपाली, जिसे भूप के नाम से भी जाना जाता है, उदासी का वर्णन करने वाला एक सामान्य शाम का राग है। माना जाता है कि इसका नाम "भूपाली" रखा गया है, क्योंकि राग भूपा क्षेत्र से आता है, जो भारत और चीन के पास है। इसलिए, चीन, भूटान और नेपाल से संगीत सभी अपनी धुनों में उस मधुर आकार को रखते प्रतीत होते हैं।

राग भूपाली को कभी-कभी राग देशकार के साथ भ्रमित किया जाता है, क्योंकि दोनों रागों में बिल्कुल एक ही स्वर सेट का उपयोग होता है। हालांकि, देशकार का एक अलग स्वरूप है, जो इसे एक अलग राग बनाता है। इस राग का फोकस पहले भाग, या पूर्वांग पर है, जबकि देशकार दूसरे भाग, या उत्तरांग पर ध्यान केंद्रित करता है।

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

S R G P D S'

अवरोह (उतार)

S' D P G R S

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

S G R S 'D S R G

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

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