बिलासखानी तोड़ी

बिलासखानी तोड़ी

स्वरलिपि

S r g P d S' | S' r' n d m g r g r S

थाट: Bhairavi morning Audava-Sampoorna
वादी: Dhaivat (d)
संवादी: Gandhar (g)
भैरवी/तोड़ी थाट से बिलासखानी तोड़ी, मियाँ तानसेन के पुत्र बिलास खान के नाम पर।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Bhairavi
प्रस्तुति का समय
Morning
जाति (स्वरों की संख्या)
Audava-sampoorna
वादी (प्रमुख स्वर)
Dhaivat (d)
संवादी (सहायक स्वर)
Gandhar (g)

Origins & Context

बिलासखानी तोड़ी एक बहुत ही दिलचस्प राग है, क्योंकि इससे कई भ्रम उत्पन्न हुए हैं। यह राग कर्नाटक राग हनुमान तोड़ी पर आधारित है, जो उत्तर भारतीय भैरवी का कर्नाटक समकक्ष है। हालांकि, इसे प्रसिद्ध संगीतकार मियाँ तानसेन के पुत्र बिलास खान द्वारा मान्यता नहीं दी गई थी, इसलिए नाम "बिलास-खानी तोड़ी।"

राग का प्रारूप उन रागों के समान है जो स्वरों में भैरवी हैं (कोई तीव्र म नहीं), लेकिन तोड़ी का प्रवाह है। भूपाल तोड़ी भी इस प्रारूप में है।

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

S r g P d S'

अवरोह (उतार)

S' r' n d m g r g r S

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

S' r' n d,m P d n d m g r g r S

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

आगामी रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ यहाँ दिखाई जाएँगी। जल्द ही फिर देखें!