दुर्गा

दुर्गा

स्वरलिपि

S R m P D S' | S' D m P D m R 'D S

थाट: Bilawal evening Audava-Audava
वादी: Dhaivat (D)
संवादी: Rishabh (R)
बिलावल थाट से दुर्गा, रे-ध हार्मोनिक जोड़ी के साथ एक पंचस्वरीय राग।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Bilawal
प्रस्तुति का समय
Evening
जाति (स्वरों की संख्या)
Audava-audava
वादी (प्रमुख स्वर)
Dhaivat (D)
संवादी (सहायक स्वर)
Rishabh (R)

Origins & Context

दुर्गा बिलावल थाट से एक राग है जो इतनी बार नहीं बजाया जाता। इस राग की संरचना में पांच स्वर होते हैं जिसमें शुद्ध रे और शुद्ध ध पर हार्मोनिक जोड़ी बनती है। इस राग में म पर आधारित भूपाली की एक छिपी हुई तान है।

इस राग में प्रसिद्ध गीतों में "जय जय राधा कृष्ण युगल मिलन" और "राधे जय जय माधव दयिते" शामिल हैं।

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

S R m P D S'

अवरोह (उतार)

S' D m P D m R 'D S

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

m P D m R 'D S

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

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