खमाज

खमाज

स्वरलिपि

S G m P D N S' | S' n D P m G R S

थाट: Khamaj night Shadava-Sampoorna
वादी: Gandhar (G)
संवादी: Nishad (N)
खमाज थाट से खमाज, बंगाली और वैष्णव भक्ति संगीत में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Khamaj
प्रस्तुति का समय
Night
जाति (स्वरों की संख्या)
Shadava-sampoorna
वादी (प्रमुख स्वर)
Gandhar (G)
संवादी (सहायक स्वर)
Nishad (N)

Origins & Context

खमाज खमाज थाट का प्रतिनिधि है। ध्यान दें कि यह राग अपने थाट के स्केल से इस अर्थ में भिन्न है कि शुद्ध नि आरोह में एक मानक स्वर है।

इस राग का उपयोग विभिन्न प्रकार की रचनाओं में किया जाता है, विशेष रूप से बंगाली और वैष्णव भक्ति संगीत में। राग काफ़ी की तरह, इसे वास्तव में कभी भी गाया जा सकता है, हालांकि इसे गाने का सबसे अच्छा समय छठी प्रहर है।

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

S G m P D N S'

अवरोह (उतार)

S' n D P m G R S

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

G m P n D m P D m G

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

आगामी रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ यहाँ दिखाई जाएँगी। जल्द ही फिर देखें!