मांड

मांड

स्वरलिपि

S G m P D N S' | S' S' N D P D P N D P G m G R S

थाट: Bilawal night Shadava-Sampoorna
वादी: Gandhar (G)
संवादी: Dhaivat (D)
बिलावल थाट से मांड, ज़िगज़ैग अवरोह और मुक्त रूप के साथ एक राजस्थानी राग।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Bilawal
प्रस्तुति का समय
Night
जाति (स्वरों की संख्या)
Shadava-sampoorna
वादी (प्रमुख स्वर)
Gandhar (G)
संवादी (सहायक स्वर)
Dhaivat (D)

Origins & Context

राजस्थान की संस्कृति को राग मांड द्वारा एक तरीके से दिखाया गया है। यह राग अपने अवरोह में एक ज़िगज़ैग रूप के साथ एक सभी प्रमुख स्केल का उपयोग करता है जो इसे अद्वितीय संरचना देता है। कई बंगाली भजन, साथ ही कई ब्रज भाषा भजन राग मांड में हैं।

अपने मुक्त रूप के कारण, इसे अपने प्रहर के बाहर किसी भी समय गाया जा सकता है।

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

S G m P D N S'

अवरोह (उतार)

S' S' N D P D P N D P G m G R S

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

G m P D N S' P N D P G G m G R S

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

आगामी रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ यहाँ दिखाई जाएँगी। जल्द ही फिर देखें!