नट भैरव
नट भैरव
S R G m P d N S' | S' N d P m G R S
Origins & Context
नाट भैरव भैरव थाट में एक हल्का राग है। इसके रूप में राग भैरव के उत्तरांग और पूर्वांग उलट के स्वरस्थान हैं। यह राग अधिक पूर्वांग उन्मुख है और इसके स पर जोर दिया गया है।
जो लोग संगीत में अच्छी तरह से पारंगत नहीं हैं, वे इस राग को अहीर भैरव की तरह ध्वनि करेंगे, जिसमें अलग हार्मोनिक बिंदु हैं। इसके अलावा, शुरुआती गति एक को चारुकेसी की याद दिलाएगी।
तकनीकी विवरण
राग की स्वर संरचना और चलन
आरोह (चढ़ाव)
S R G m P d N S'
अवरोह (उतार)
S' N d P m G R S
पकड़ (पहचान वाक्यांश)
S R G m d P G G m R S R 'N 'd S
रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ
इस राग को महान कलाकारों से सुनें
आगामी रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ यहाँ दिखाई जाएँगी। जल्द ही फिर देखें!