पहाड़ी
पहाड़ी
स्वरलिपि
S R G P D S' | S' D P G R S
थाट: Bilawal
morning
Audava-Audava
वादी:
Gandhar (G)
संवादी:
Dhaivat (D)
बिलावल थाट से पहाड़ी, पर्वतीय परिदृश्यों को उजागर करने वाला एक सरल पंचस्वरीय राग।
Origins & Context
पहाड़ी बिलावल थाट से एक सरल पंचस्वरीय राग है जो पहाड़ों और देहाती परिदृश्यों की भावना को उजागर करता है। इसका व्यापक रूप से हल्के शास्त्रीय और लोक संगीत में उपयोग किया जाता है।
तकनीकी विवरण
राग की स्वर संरचना और चलन
आरोह (चढ़ाव)
S R G P D S'
अवरोह (उतार)
S' D P G R S
पकड़ (पहचान वाक्यांश)
P G R S, D P G
रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ
इस राग को महान कलाकारों से सुनें
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