पतदीप

पतदीप

स्वरलिपि

'N S g m P N S' | S' N D P m g R S 'N S g R S

थाट: Kafi night Audava-Sampoorna
वादी: Pancham (P)
संवादी: Shadaj (S)
काफी थाट से पतदीप, केवल शुद्ध नि के साथ एक कर्नाटक-व्युत्पन्न राग।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Kafi
प्रस्तुति का समय
Night
जाति (स्वरों की संख्या)
Audava-sampoorna
वादी (प्रमुख स्वर)
Pancham (P)
संवादी (सहायक स्वर)
Shadaj (S)

Origins & Context

पतदीप कर्नाटक संगीत की उत्पत्ति से आने वाला एक राग है। यह अनिवार्य रूप से एक हिंदुस्तानी काफी या राग मिश्र पीलू प्रकार की तरह है। इस राग की मुख्य विशेषता जो इसे अन्य काफी थाट रागों से अलग करती है वह यह है कि इसमें केवल शुद्ध नि है और कोमल नि का कोई उदाहरण नहीं है। स्वरों में इस तरह का परिवर्तन अन्य काफी थाट रागों की तुलना में इसे एक अद्वितीय अनुभव देता है।

इस राग में एक प्रसिद्ध गीत है "श्रील प्रभुपाद गुरुदेव तिहारे चरणों में प्रणाम।"

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

'N S g m P N S'

अवरोह (उतार)

S' N D P m g R S 'N S g R S

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

P N S' D m P g m g R S

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

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