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About This Track
अग्नि पञ्च तत्त्व सुइट का चौथा भाग है, जिसे पंडित देबाशिस चक्रबोर्ती, दीपक शाह, डॉ. लवली शर्मा और दुर्जय भौमिक के एन्सेम्बल ने काला फेस्टिवल 2023 में नॉर्डन फार्म, मेडनहेड में लाइव प्रस्तुत किया।
Vol. 1 एल्बम में अग्नि, जल के बाद और ब्रह्मांड से पहले आती है — ब्रह्मांड सुइट का अंतिम भाग है, जिसके बाद राग मेघ खंड शुरू होता है।
Credits
कलाकार
Tabla
सम्मानित संगतकार और एकल वादक, दुर्जय भौमिक कोलकाता से हैं। संगीतमय परिवेश में पले-बढ़े दुर्जय को बनारस घराने के पंडित दुलाल नाट्टा ने प्रारंभिक दीक्षा दी, जिन्होंने उनकी असाधारण प्रतिभा को सँवारा।वर्ष 2001 से वे ताल योगी पंडित सुरेश तलवलकर के सान्निध्य में संगीत और लय की सूक्ष्मताओं का अध्ययन कर रहे हैं। स्वर की सूक्ष्मता, तकनीकी दक्षता और संगीत की बारीकियों के प्रति संवेदनशीलता के बल पर उन्होंने भारत और विदेश के प्रमुख शास्त्रीय संगीत महोत्सवों में भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर कलाकारों के साथ संगत की है।ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में वे अपनी पीढ़ी के सबसे अधिक मांगे जाने वाले तबला वादकों में शामिल हैं। विश्व संगीत में सहयोग करते हुए उन्होंने जापान के Art Lee, एस्टोनिया के Raho Langsepp और विएना यूथ कोयर जैसे विख्यात कलाकारों के साथ प्रस्तुतियाँ दी हैं। हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के कलाकारों के साथ उन्होंने लय-प्रधान एंसेम्बल “NAAD CONFLUENCE” का संचालन किया है। समीक्षकों और संगीतरसिकों ने देश के प्रतिष्ठित संगीत महोत्सवों में उनकी उपस्थिति को चिह्नित किया है।ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और आईसीसीआर के “A” ग्रेड कलाकार दुर्जय ने कोलकाता विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (खैरागढ़ विश्वविद्यालय) से संगीत में स्नातकोत्तर किया है। उनकी प्रस्तुतियां एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व, अमेरिका और कनाडा के प्रमुख संगीत मंचों पर व्यापक रूप से सराही गई हैं।पुरस्कार:‘न्यू एज तबला मैस्ट्रो’ — एशियन अफ्रीकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, 2022‘पंडित रामजी उपाध्याय सम्मान’ — मंगलध्वनि फाउंडेशन, 2018‘कलाश्री सम्मान’ — स्वरांजलि ट्रस्ट, नई दिल्ली, 2021‘संगीत सहोदर’ — संगीत कला केंद्र, आगरा, 2013उन्होंने पंडित राजन और साजन मिश्र, विदुषी गिरिजा देवी, उस्ताद अब्दुल हलीम ज़राफ च़ां, उस्ताद इमरत ख़ान, उस्ताद शुजात ख़ान, पंडित विश्वजित रॉय चौधरी, पंडित भजन सोपोरी, पंडित विश्व मोहन भट्ट, पंडित रोनु मजुमदार, पंडित राकेश चौरसिया, पंडित अजोय चक्रवर्ती, पंडित राम नारायण, पंडित उल्हास कशालकर, पंडित विनायक तोर्वी, पंडित बुद्धादित्य मुखर्जी, विदुषी पद्मा तलवलकर सहित अनेक चर्चित कलाकारों के साथ संगत की है। वे नई दिल्ली में रहते हैं और कड़ी दिलचस्पी के साथ दुनिया भर के विद्यार्थियों को सिखाते हैं।डिस्कोग्राफी:Rhythmic Colours — Questz World (एकल)Safar – A Voyage through Ragas — Questz World (एकल)The Indian Cello — DDD (सेल्लो के साथ संगत)Scintillating Sarangi — Times Music (सारंगी के साथ संगत)
Track Details
- Released
- अगस्त 20, 2024
- अवधि
-
5:33