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About This Track
तेजस्विनी वर्णेकर राग श्री में तराना प्रस्तुत करती हैं। तराना में गीतात्मक शब्दों की जगह तबले और पखावज की बोलियाँ ली जाती हैं, जिन्हें द्रुत लय में तेज़ ताल-चक्र के साथ गाया जाता है।
इस एल्बम में तराना, द्रुत के बाद आता है और शास्त्रीय क्रम का मुख्य भाग यहीं पूरा होता है। इसके बाद दो हल्के रूप, बंदिश और भजन, रिकॉर्डिंग का समापन करते हैं।
Credits
Artist
तेजस्विनी दिगंबर वर्णेकर
Audio Mastering
Mukul Kumar
From the Album
कलाकार
तेजस्विनी वर्णेकर हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन की प्रतिष्ठित कलाकार हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक प्राप्त और ऑल इंडिया रेडियो की ग्रेडेड कलाकार हैं। प्रख्यात गुरुओं के सान्निध्य में प्रशिक्षित।
वाराणसी, भारत
0+
कार्यक्रम
16+
Years Active
Track Details
- Released
- सितम्बर 13, 2025
- अवधि
-
4:34