Discography
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प्रकृति के माध्यम से वाद्य यात्रा, खंड 2 (कला महोत्सव 2023 में लाइव)
इंस्ट्रूमेंटल जर्नी थ्रू नेचर, वॉल. 1 (लाइव ऐट कला फेस्टिवल 2023)
About डॉ. लवली शर्मा
डॉ. लवली शर्मा सितार वादक हैं और उत्तर प्रदेश के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में प्राध्यापक हैं। वे डी.लिट्. प्राप्त करने वाली पहली महिला सितार वादक हैं, जिन्होंने संगीत के क्षेत्र में शोध के लिए यह उपाधि पाई।
उन्होंने 15 वर्ष की आयु में श्रीमती वीणा चंद्रा के मार्गदर्शन में सितार की शिक्षा आरंभ की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के मणिलाल नाग के शिष्य श्री कल्याण लाहिरी, आगरा के श्री के.सी. लाहिरी, अहमदाबाद के गुलाम हुसैन खान, बेंगलुरु के एन.आर. राव, और जोधपुर के पं. बृज भूषण लाल काबरा से प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनकी पहली प्रस्तुति 1979 में आगरा के सदाबाद स्थित महाराजा अग्रसेन कन्या विद्यालय में हुई थी। तब से वे भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और एशिया में 40 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगीत समारोहों में प्रस्तुति दे चुकी हैं।
उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से एम.ए. (संगीत) में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। 1986 में बड़ौदा विश्वविद्यालय से पीएचडी और उसी विश्वविद्यालय से डी.लिट्. (संगीत) की उपाधि प्राप्त की। वे राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर की कुलपति रह चुकी हैं। उन्होंने नौ पुस्तकें और 36 शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं। वे कला भूषण पुरस्कार से सम्मानित हैं और ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली तथा आईसीसीआर की पैनल में शामिल हैं।