अजय प्रसन्ना
पंडित, बनारस घराना
स्थान
नई दिल्ली, भारतविशेषज्ञता
Flute • Benares Gharana"मेरे लिए बांसुरी सिर्फ़ एक साज़ नहीं है। यह मौन और आत्मा के बीच का पुल है। मेरे हर स्वर में हमारी परंपरा की प्रार्थना है और आज की दुनिया की धड़कन भी।"
अजय प्रसन्ना के बारे में
पंडित अजय प्रसन्ना अंतरराष्ट्रीय ख्याति के बांसुरी वादक हैं और एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार से आते हैं। वे अपने पिता पंडित भोलानाथ प्रसन्ना की विरासत आगे बढ़ा रहे हैं। भोलानाथ प्रसन्ना भारत के महानतम बांसुरी गुरुओं में गिने जाते हैं, और पंडित हरिप्रसाद चौरसिया उन्हीं के शिष्यों में हैं।
संगीत से भरे माहौल में जन्मे और पले-बढ़े अजय को बचपन में ही बांसुरी से गहरा लगाव हो गया। उनकी शैली में बनारस घराने की भावपूर्ण परंपरा झलकती है, और वह हर जगह के श्रोताओं तक पहुँचती है। उन्होंने भारत और विदेश में खूब बजाया है: लंदन के क्वीन एलिज़ाबेथ हॉल में और एशिया तथा यूरोप के बड़े समारोहों में।
अजय प्रसन्ना को कई सम्मान मिले हैं: ग्रैमी पुरस्कारों के लिए कई नामांकन, एल्बम Cinema के लिए ग्लोबल इंडियन म्यूज़िक अवॉर्ड (जीमा), स्वामी हरिदास समिति का संगीत रत्न पुरस्कार और सुर सिंगार संसद का सुरमणि पुरस्कार।