राजीव कुमार
कला निदेशक, कलासुधा
स्थान
लंदन, यूनाइटेड किंगडम"प्लेटो ने कहा था कि संगीत ब्रह्मांड को आत्मा देता है, मन को पंख और कल्पना को उड़ान। कलासुधा में हम मानते हैं कि अगर संगीत आत्मा है, तो हमारा काम पंख बनाना है: वह डिजिटल नींव जो हमारी प्राचीन विरासत को आगे ले जाए और सदियों पुरानी परंपराओं को आज के अवसरों से जोड़े।"
राजीव कुमार के बारे में
राजीव कुमार कलासुधा के सह-संस्थापक और कला निदेशक हैं। 2023 में संस्था की स्थापना के बाद से वे डिजिटल तकनीक और भारतीय शास्त्रीय संगीत, कला तथा नृत्य को साथ लाकर शास्त्रीय विरासत का भविष्य गढ़ने में लगे हैं।
संस्कृति को बचाने के काम में वे "टेक-फ़र्स्ट" रास्ता अपनाते हैं। उनकी अगुवाई में कलासुधा ने अपने डिजिटल मंच और औज़ार बनाए हैं, जिनमें संगीत शिक्षा की बारीकियों को ध्यान में रखकर बनाई गई वीडियो-कॉलिंग सुविधा भी है। राजीव कला फ़ेस्टिवल के मुख्य शिल्पी भी हैं। यह ब्रिटेन का एक बड़ा घुमंतू संगीत समारोह है, जो उस्तादों को अलग-अलग शहरों तक ले जाता है।
सरकारी अनुदान या बाहरी प्रायोजन के बिना राजीव अपने ही पैसे से चलने वाले एक लंबे मिशन की अगुवाई कर रहे हैं: IndianClassical.net जैसी पहलों के ज़रिए शास्त्रीय कलाओं से जुड़ी पूरी दुनिया को एक जगह लाना। उनका सपना ऐसी कंपनी बनाना है जो पक्का करे कि प्राचीन परंपराएँ डिजिटल युग में सबसे आगे रहें।