बसन्त बहार
बसन्त बहार
स्वरलिपि
S G M d N S' | S' N d P M G r S
थाट: Purvi
afternoon
Shadava-Sampoorna
वादी:
Gandhar (G)
संवादी:
Nishad (N)
पूर्वी थाट से बसन्त बहार, वसंत का जश्न मनाने के लिए बसन्त और बहार का संयोजन।
Origins & Context
बसन्त बहार एक समग्र राग है जो बसन्त और बहार, दो वसंत ऋतु के रागों के तत्वों को जोड़ता है। यह अपने जीवंत और आनंदमय चरित्र के साथ वसंत ऋतु का जश्न मनाता है, खिलते फूलों और सुखद मौसम की सुंदरता को उजागर करता है।
तकनीकी विवरण
राग की स्वर संरचना और चलन
आरोह (चढ़ाव)
S G M d N S'
अवरोह (उतार)
S' N d P M G r S
पकड़ (पहचान वाक्यांश)
G M d N, S' N d P M G
रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ
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