भीमपलासी

भीमपलासी

स्वरलिपि

'n S g m P n S' | S' n D P D m P g m g R S

थाट: Kafi afternoon Audava-Sampoorna
वादी: Madhyam (m)
संवादी: Shadaj (S)
काफी थाट से भीमपलासी, उन्मादपूर्ण प्रकृति वाला एक मध्य-दोपहर का राग।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Kafi
प्रस्तुति का समय
Afternoon
जाति (स्वरों की संख्या)
Audava-sampoorna
वादी (प्रमुख स्वर)
Madhyam (m)
संवादी (सहायक स्वर)
Shadaj (S)

Origins & Context

भीमपलासी काफी थाट से एक सामान्य राग है जो मध्य-दोपहर के समय की उन्मादपूर्ण प्रकृति का वर्णन करता है, संध्या रागों (संध्या-प्रकाश रागों) से ठीक पहले।

आरोह राग धानी के समान है जिसमें इसकी पंचस्वरीय प्रकृति है जो रे और ध को छोड़ देती है। यह राग शास्त्रीय से लोकप्रिय संगीत तक भारतीय संगीत की कई शैलियों में उपयोग किया जाता है।

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

'n S g m P n S'

अवरोह (उतार)

S' n D P D m P g m g R S

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

'n S g m P g m g R 'n S

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

आगामी रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ यहाँ दिखाई जाएँगी। जल्द ही फिर देखें!