ललित

ललित

स्वरलिपि

'N r G m M m G M D N S' | N r' N D M D M m G M G r S 'NS

थाट: Marwa late_night Shadava-Shadava
वादी: Madhyam (m)
संवादी: Shadaj (S)
मारवा थाट से ललित, गोपी के नाम पर जो रात में कृष्ण को जगाती है।

मुख्य तथ्य

थाट (मेल)
Marwa
प्रस्तुति का समय
Late_night
जाति (स्वरों की संख्या)
Shadava-shadava
वादी (प्रमुख स्वर)
Madhyam (m)
संवादी (सहायक स्वर)
Shadaj (S)

Origins & Context

ललित एक असामान्य संरचना के साथ एक उत्तर भारतीय राग है। इस राग में म का एक क्रोमैटिक गठन है, शुद्ध म की ताकत के साथ। यहां प्रस्तुत उत्तरांग शुद्ध ध का उपयोग करता है, इसलिए यह राग मारवा थाट में है। कई संगीतकार इसके बजाय कोमल ध का उपयोग करते हैं, इस प्रकार राग ललित को पूर्वी थाट में गाते हैं।

राग का नाम गोपी, ललिता के नाम पर रखा गया है, जो आधी रात में कृष्ण को जगाती है (इसलिए राग के प्रहर का समय)। इस राग का उपयोग फिल्म "मीरा (1979)" के गीत "जागो बंसुरीवाले" में किया गया है।

तकनीकी विवरण

राग की स्वर संरचना और चलन

आरोह (चढ़ाव)

'N r G m M m G M D N S'

अवरोह (उतार)

N r' N D M D M m G M G r S 'NS

पकड़ (पहचान वाक्यांश)

'N r G m M m G M G r S

रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ

इस राग को महान कलाकारों से सुनें

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