पराज
पराज
स्वरलिपि
S r G M d N S' | S' N d P M G r S
थाट: Purvi
evening
Shadava-Shadava
वादी:
Madhyam (M)
संवादी:
Shadaj (S)
पूर्वी थाट से पराज, कोमल रे, कोमल ध और तीव्र म के साथ एक संध्या राग।
Origins & Context
पराज पूर्वी थाट से एक राग है, जो अपने संध्या समय के प्रदर्शन और तीव्र म के साथ कोमल रे और कोमल ध के विशिष्ट उपयोग के लिए जाना जाता है।
तकनीकी विवरण
राग की स्वर संरचना और चलन
आरोह (चढ़ाव)
S r G M d N S'
अवरोह (उतार)
S' N d P M G r S
पकड़ (पहचान वाक्यांश)
r G M d N, S' N d M G r
रिकॉर्डिंग्स और प्रस्तुतियाँ
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