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इस ट्रैक के बारे में
तेजस्विनी वर्णेकर अपने एल्बम की शुरुआत राग श्री के आलाप से करती हैं, जो राग का वह प्रवेश-खंड है जो बिना ताल और बिना तबले के प्रस्तुत होता है। राग श्री एक संध्याकालीन राग है जिसमें गहरी गंभीरता है; आलाप इसके स्वर-स्वभाव को लय से पहले स्थापित करता है।
यह आलाप एल्बम के सात ट्रैक में से पहला है। इसके बाद विलंबित ख्याल दो ट्रैक में आता है, फिर द्रुत, तराना, और अंत में बंदिश व भजन के साथ एल्बम समाप्त होता है।
श्रेय
Artist
तेजस्विनी दिगंबर वर्णेकर
Audio Mastering
Mukul Kumar
एल्बम से
कलाकार
तेजस्विनी वर्णेकर भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठित गायिका हैं। वे बीएचयू की स्वर्ण पदक विजेता और आकाशवाणी की ग्रेड प्राप्त कलाकार हैं। उन्होंने कई मंचों पर गाया है, प्रतिष्ठित गुरुओं से तालीम पाई है और राग की अपनी गहरी समझ तरह-तरह के श्रोताओं के सामने रखती हैं।
वाराणसी, भारत
ट्रैक विवरण
- रिलीज़
- सितम्बर 13, 2025
- अवधि
-
5:52