जूलियानो मोडारेली

स्थान

लंदन, यूनाइटेड किंगडम

विशेषज्ञता

Guitar
जूलियानो मोडारेली अंतरराष्ट्रीय ख्याति के इतालवी गिटार वादक और संगीतकार हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत, जैज़ और समकालीन विश्व संगीत का उनका अपना मेल ही उनकी पहचान है। लंदन में रहते हुए उन्होंने गिटार पर अपनी अलग आवाज़ बनाई है, जिसमें भारतीय ताल और राग की परंपराओं की गहरी छाप है और जैज़ की आज़ादी तथा मौके पर रचने की रवानी भी। वे लंबे समय से भारतीय शास्त्रीय संगीत के कुछ बेहतरीन कलाकारों के साथ बजाते रहे हैं, जिनमें पंडित देबाशीष चक्रवर्ती, शाहबाज हुसैन, आर. एन. प्रकाश और पंडित अजय प्रसन्ना शामिल हैं। सहज महारत और गहरे भाव वाला उनका संगीत संस्कृतियों को जोड़ता है। वे पुरस्कार विजेता फ़्यूज़न समूह केफ़ाया और क्वेस्ट एनसेंबल के संस्थापक सदस्य भी हैं। वे दुनिया भर में बजाते और सिखाते हैं, और संस्कृतियों को जोड़ने वाली उनकी कला श्रोताओं को प्रेरित करती है।
1000+
प्रस्तुतियाँ

जूलियानो मोडारेली के बारे में

जूलियानो मोडारेली अंतरराष्ट्रीय ख्याति के इतालवी गिटार वादक और संगीतकार हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत, जैज़ और समकालीन विश्व संगीत का उनका अपना मेल ही उनकी पहचान है। लंदन में रहते हुए उन्होंने गिटार पर अपनी अलग आवाज़ बनाई है, जिसमें भारतीय ताल और राग की परंपराओं की गहरी छाप है और जैज़ की आज़ादी तथा मौके पर रचने की रवानी भी। वे लंबे समय से भारतीय शास्त्रीय संगीत के कुछ बेहतरीन कलाकारों के साथ बजाते रहे हैं, जिनमें पंडित देबाशीष चक्रवर्ती, शाहबाज हुसैन, आर. एन. प्रकाश और पंडित अजय प्रसन्ना शामिल हैं। सहज महारत और गहरे भाव वाला उनका संगीत संस्कृतियों को जोड़ता है। वे पुरस्कार विजेता फ़्यूज़न समूह केफ़ाया और क्वेस्ट एनसेंबल के संस्थापक सदस्य भी हैं। वे दुनिया भर में बजाते और सिखाते हैं, और संस्कृतियों को जोड़ने वाली उनकी कला श्रोताओं को प्रेरित करती है।

1977 में मिलान में जन्मे जूलियानो 2000 में इंग्लैंड आए और लीड्स कॉलेज ऑफ़ म्यूज़िक में पढ़े। 2003 में जैज़ संगीत में स्नातक करने के बाद वे पूरा समय संगीत को देने लगे। उन्होंने सावा तीन, रागा नोवा और नश्वा जैसे बैंडों के साथ बजाना शुरू किया और इनके साथ बेस्टिवल तथा मूर म्यूज़िक फ़ेस्टिवल जैसे बड़े समारोहों में और बीबीसी रेडियो पर प्रस्तुतियाँ दीं।

इन्हीं वर्षों में उनकी दिलचस्पी भारतीय संगीत में जगी, और उन्होंने भारतीय सितार गुरु धरमबीर सिंह तथा सरोद के उस्ताद बुद्धदेव दासगुप्ता और प्रत्युष बनर्जी से इसे सीखना शुरू किया।

वे फ़्यूज़न समूह समय और पुरस्कार विजेता समूह केफ़ाया के संस्थापक हैं। केफ़ाया के साथ उन्हें वोमैड, लैटिट्यूड, लंदन जैज़ फ़ेस्टिवल, दरबार फ़ेस्टिवल और म्यूज़िक पोर्ट फ़ेस्टिवल जैसे अंतरराष्ट्रीय समारोहों में बुलाया गया है, और बीबीसी 1/2/3/6, एशियन नेटवर्क तथा दूरदर्शन टीवी यूके के रेडियो और टेलीविज़न कार्यक्रमों में भी।

2008 में उन्होंने मशहूर तबला वादक बिक्रम घोष के साथ बॉलीवुड फ़िल्मों Little Zizou और The Diamond Murders का संगीत रचा। उसी साल उन्होंने घोष और तालवादक पीट लॉकेट के साथ भारत का दौरा किया, जिसमें "East meets West" नाम की संगीत प्रस्तुति में उनका साथ दिया। इसके चलते वे भारत के कई राष्ट्रीय टीवी कार्यक्रमों में आए।

अपनी अलग और नई शैली के कारण उन्हें शंकर महादेवन, बिक्रम घोष और पीट लॉकेट जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति के कई कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला है।

पिछली प्रस्तुतियाँ

सभी कार्यक्रम देखें
शहर
साउथेम्प्टन
तारीख

रागा यूनिसन एट साउथैम्पटन: विंड, ड्रम्स एंड स्ट्रिंग्स | डबल बिल कॉन्सर्ट

टर्नर सिम्स साउथेम्प्टन, यूनाइटेड किंगडम