आर. एन. प्रकाश
स्थान
लंदन, यूनाइटेड किंगडमविशेषज्ञता
Ghatam"संगीत बनाना बहुत संतोष देने वाला काम है। जब विद्यार्थी सीखते हैं, तो शास्त्रीय संगीत की बारीकियाँ आगे के लिए बची रहती हैं।"
आर. एन. प्रकाश के बारे में
आर. एन. प्रकाश (जिन्हें प्रकाश रामचंद्र भी कहा जाता है) दक्षिण भारत के सम्मानित तालवादक हैं, जो घटम, मृदंगम और खंजीरा पर अपनी महारत के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म और तालीम दक्षिण भारत में हुई। तीस के पार की उम्र में वे ब्रिटेन आ गए, जहाँ वे लंदन के कर्नाटक संगीत जगत का केंद्रीय नाम बन गए हैं। वे लंदन स्कूल ऑफ़ कर्नाटक म्यूज़िक में वरिष्ठ संगीतकार और शिक्षक हैं, और ब्रिटेन तथा बाहर के कार्यक्रमों में उनकी बेदाग़ संगत की बड़ी माँग रहती है।
आर. एन. प्रकाश ने बेंगलुरु में विद्वान के.एन. कृष्णमूर्ति से तालीम ली। आकाशवाणी ने उन्हें जल्दी ही ‘ए-ग्रेड कलाकार’ का दर्जा दिया, जो उनकी महारत का प्रमाण है। वे शास्त्रीय संगीत तक सीमित नहीं हैं: बीबीसी, चैनल 4 और एमटीवी पर आ चुके हैं और विश्व संगीत तथा फ़्यूज़न के कई कार्यक्रमों में बजा चुके हैं। मैसिव अटैक समूह के साथ उनका काम इनमें ख़ास है, जहाँ कर्नाटक ताल वाद्य आज की ध्वनियों से मिले।
उन्होंने जयंती कुमारेश, जूलियानो मोडारेली, पंडित देबाशीष चक्रवर्ती, पंडित अजय प्रसन्ना, उस्ताद शाहबाज हुसैन, नेवेली वेंकटेश, एस. वरदराजन, ज्योत्स्ना श्रीकांत और वायलिन जोड़ी गणेश-कुमारेश जैसे नामी कलाकारों के साथ बजाया है। लय की बारीक समझ और कर्नाटक संगीत की गहरी जानकारी से उन्होंने हर प्रस्तुति में नया रंग भरा है, और उनका महीन, जीवंत वादन साथी कलाकारों के साथ संगीत के संवाद को और गहरा करता है।